संस्कृति में — फ़िल्में, किताबें, मीडिया

शैतान फिल्मों, किताबों, टीवी और कला में — पूरी सूची


लोकप्रिय संस्कृति में

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फ़िल्मशैतान (2024, बॉलीवुड)आर. माधवन अभिनीत फ़िल्म जो आधुनिक भारतीय पृष्ठभूमि में भूत चढ़ने और शैतानी प्रभाव के विषयों की खोज करती है।
साहित्यक़ुरान स्वयंक़ुरान वह प्राथमिक 'ग्रंथ' है जिसमें शैतान प्रकट होता है — और यह भारतीय मुस्लिम घरों में सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली किताब है।
टेलीविज़नभारतीय टीवी पर इस्लामी कार्यक्रमपीस टीवी और यूट्यूब पर इस्लामी व्याख्यान शैतान पर विस्तृत चर्चा करते हैं। ये लाखों भारतीय मुसलमानों द्वारा देखे जाते हैं।
मौखिक परंपराजुमे का ख़ुतबा और मदरसा शिक्षाभारत की हर मस्जिद में हर जुमे के ख़ुतबे में किसी न किसी बिंदु पर शैतान का ज़िक्र आता है। हर मदरसा का बच्चा इब्लीस के इनकार के बारे में सीखता है।
संगीतसूफ़ी क़व्वाली परंपराक़व्वाली प्रदर्शन — विशेषकर निज़ामुद्दीन और अजमेर जैसे सूफ़ी दरगाहों पर — शैतानी शक्तियों के खिलाफ़ लड़ाई का संदर्भ देते हैं। क़व्वाली की भक्ति परमानंद स्वयं एक शैतान-विरोधी अभ्यास मानी जाती है।

सटीकता: धार्मिक रूप से मूलभूत · सार्वभौमिक रूप से विश्वसनीय

कला इतिहास में शैतान

इस्लामी पांडुलिपि कला — आदम के सामने इब्लीस: इस्लामी कला में सबसे अधिक चित्रित दृश्यों में से एक: इब्लीस के इनकार का क्षण। फ़ारसी और मुग़ल भारतीय पांडुलिपियाँ इब्लीस को खड़ा दिखाती हैं जबकि अन्य सभी प्राणी आदम के सामने सजदे में हैं।

मुग़ल और दक्कनी लघुचित्र: भारतीय मुस्लिम दरबारों ने क़ुरान और इस्लामी साहित्य के दृश्य चित्रित किए जिनमें शैतानी आकृतियाँ शामिल हैं — अक्सर अग्नि-रंग की त्वचा, सींग, या एक परेशान करने वाले विवरण वाली सुंदर आकृतियाँ।

सुरक्षात्मक ख़तताती: भारत में शैतान से संबंधित सबसे व्यापक कला रूप सुरक्षात्मक ख़तताती है — क़ुरानी आयतें सुंदर लिपि में लिखी और घरों, दुकानों, वाहनों में प्रदर्शित। ये एक साथ सौंदर्यात्मक वस्तुएँ और आध्यात्मिक हथियार हैं।

समकालीन अन्वेषण: आधुनिक दक्षिण एशियाई कलाकारों ने शैतान की आकृति का उपयोग शक्ति, भ्रष्टाचार, उपनिवेशवाद और व्यवस्थागत बुराई के विषयों को खोजने के लिए किया है।

क्षेत्रीय संबंध

क़रीन · इफ़रीत · हमज़ाद · परी (इस्लामी लोक) · असुर (हिंदू समानांतर)

वैश्विक समकक्ष: शैतान सीधे ईसाई परंपरा के सैतान और यहूदी परंपरा के हा-सैतान से मिलता है। ज़रथुष्ट्र का अंग्र मैन्यू (अहरीमन) और भी करीबी समानांतर है। हिंदू अवधारणा माया (ब्रह्मांडीय भ्रम) कार्यात्मक समानता साझा करती है — वह शक्ति जो दुनिया को ग़लत देखने पर मजबूर करती है — लेकिन वह अवैयक्तिक है। शैतान अपनी कसम की विशिष्टता में अद्वितीय है: उसने ख़ुदा को बताया कि वह ठीक क्या करेगा, और ख़ुदा ने इसे परीक्षा के रूप में अनुमति दी।