संस्कृति में — फ़िल्में, किताबें, खेल

पोलोंग फिल्मों, किताबों, टीवी और कला में — पूरी सूची


लोकप्रिय संस्कृति में

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फ़िल्मपोलोंग (मलेशियाई हॉरर, 2023)पोलोंग के निर्माण और उपयोग को सीधे दर्शाती मलेशियाई हॉरर फ़िल्म। चौदह दिन के अनुष्ठान और रक्त-पान का ग्राफ़िक चित्रण।
फ़िल्ममुनाफ़िक़ 2 (2018)मलेशियाई हॉरर सीक्वल जिसमें एक प्रतिपक्षी जादूगर द्वारा तैनात अलौकिक हथियारों में से एक पोलोंग है।
साहित्यMalay Magic — वाल्टर विलियम स्कीट (1900)मलय अलौकिक विश्वासों का निश्चित औपनिवेशिक-युग प्रलेखन, जिसमें पोलोंग निर्माण अनुष्ठान, पेलेसित गुप्तचर और निष्कासन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण।
दूरचित्रवाणीजिन (मलय श्रृंखला, विभिन्न)कई मलय टेलीविज़न श्रृंखलाओं में पोलोंग कथानक रहे हैं, आमतौर पर ईर्ष्यालु प्रतिद्वंद्वियों द्वारा हमले कराने के उपकथानक। ये सत्ता को लेकर वास्तविक सांस्कृतिक चिंताओं को दर्शाते हैं।
वीडियो गेमड्रेडआउट (इंडोनेशियाई, 2014)दक्षिण-पूर्व एशियाई अलौकिक सत्ताओं पर आधारित इंडोनेशियाई सर्वाइवल हॉरर गेम, जिसमें पोलोंग-प्रेरित शत्रु हैं।

सटीकता: दक्षिण-पूर्व एशियाई मीडिया में उच्च · पश्चिमी मीडिया में बड़े पैमाने पर अज्ञात

कला इतिहास में पोलोंग

15वीं-16वीं सदी — मलय पांडुलिपियाँ: पोलोंग के सबसे पुराने चित्रण सचित्र मलय पांडुलिपियों में दिखते हैं — लाल स्याही से बनी छोटी बोतलें, कभी-कभी अंदर एक छायादार आकृति। ये पांडुलिपियाँ व्यावहारिक ग्रंथ थीं, बोमोहों के लिए निर्देश पुस्तिकाएँ।

18वीं सदी — बंगाली तांत्रिक चित्रपट: जैसे-जैसे पोलोंग भारतीय प्रथा में आया, बंगाली तांत्रिक ग्रंथों ने नियंत्रणीय आत्माओं की सूची में इसे शामिल किया। चित्रण एक छोटी, सघन, रक्त-लाल आकृति दिखाते हैं — कभी मानवाकार, कभी अमूर्त — एक पात्र में कैद।

19वीं सदी — औपनिवेशिक युग के विवरण: मलया और बंगाल में ब्रिटिश औपनिवेशिक अधिकारियों ने पोलोंग विश्वासों को अपने मानवशास्त्रीय सर्वेक्षणों में प्रलेखित किया। इस काल के चित्र बोतल, खून पिलाने का अनुष्ठान और भूत-प्रवेश के लक्षण दिखाते हैं।

समकालीन — दक्षिण-पूर्व एशियाई हॉरर फ़िल्में: आधुनिक थाई, मलेशियाई और इंडोनेशियाई हॉरर सिनेमा ने पोलोंग को दृश्य जीवन दिया है — अंधेरी लाल चमकती बोतलें, आँखों से खून बहते शिकार, खून पिलाने का अनुष्ठान करते जादूगर।

क्षेत्रीय संबंध

पेलेसित (गुप्तचर अनुचर) · टोयोल (बाल आत्मा सेवक) · हंतु राया (मलय महान आत्मा) · प्रेत (भारतीय बंधी आत्मा) · भूत (दक्षिण भारतीय आत्मा)

वैश्विक समकक्ष: विश्व लोककथाओं में सबसे निकटतम समानांतर यूरोपीय 'बोतल-दानव' (Bottle Imp) परंपरा है — एक पात्र में कैद आत्मा जो इच्छाएँ पूरी करती है पर मालिक की आत्मा माँगती है। जर्मन फ्लाशेनटॉयफेल और रॉबर्ट लुइस स्टीवेन्सन की 'The Bottle Imp' में वही भय है: एक अलौकिक सेवक जिसके रखने की कीमत उसकी उपयोगिता से अधिक है। लेकिन पोलोंग अधिक विशिष्ट और अधिक क्रूर है — यह इच्छा पूरी करने वाला नहीं बल्कि हत्यारा है, और इसकी कीमत आपकी आत्मा नहीं बल्कि आपका खून है, एक-एक बूँद करके।